शेयर बाजार से कमाई का सबसे बड़ा मौका NSE का ₹20,000 करोड़ का IPO तैयार, ये है नई अपडेट

Admin

Tue, Mar 31, 2026

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NSE का ₹20,000 करोड़ का IPO तैयार, ये है नई अपडेट

देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), अब खुद शेयर बाजार में लिस्ट होने की दहलीज पर खड़ा है. ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मेगा आईपीओ (IPO) 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है. एनएसई ने अपने मौजूदा शेयरधारकों को ऑफर-फॉर-सेल (OFS) में हिस्सा लेने के लिए एक औपचारिक पत्र भेज दिया है, जो इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत का संकेत है.

किसे मिलेगा हिस्सा लेने का मौका?

एनएसई का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) पर आधारित होगा. इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी बाजार में नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक ही अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. बाजार नियामक सेबी (Sebi) के नियमों के अनुसार, आईपीओ के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल होने से कम से कम एक साल पहले से जो निवेशक शेयर होल्ड कर रहे हैं, वही इस ओएफएस में अपने शेयर पेश कर सकते हैं.

अनलिस्टेड जोन की रिपोर्ट के अनुसार, केवल उन्हीं निवेशकों को इस प्रक्रिया में शामिल होने योग्य माना जाएगा, जिनके पास 15 जून 2025 से एनएसई के शेयर मौजूद हैं. जो निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं, उन्हें 27 अप्रैल 2026 तक अपनी रुचि (Expression of Interest) जतानी होगी. शेयरों की अंतिम कीमत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए तय की जाएगी. इसके अलावा, जो शेयर ओएफएस में नहीं बिक पाएंगे, उन पर लिस्टिंग के बाद छह महीने का लॉक-इन पीरियड लागू होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि एनएसई इस प्रक्रिया के जरिए अपनी कुल इक्विटी का करीब 4 से 4.5 प्रतिशत हिस्सा बेचेगा.

शेयरधारकों की संख्या में भारी उछाल

बीते एक साल में एनएसई के अनलिस्टेड शेयरों की मांग में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. इस भारी दिलचस्पी का असर शेयरधारकों की संख्या पर साफ नजर आता है. मार्च 2025 में एनएसई के शेयरधारकों की संख्या महज 39,201 थी. इसके बाद जून 2025 तक यह आंकड़ा छलांग लगाकर 1,59,394 हो गया और दिसंबर 2025 आते-आते शेयरधारकों की कुल तादाद 1,86,481 तक पहुंच गई.

शेयरधारकों के इस विशाल आधार के कारण ओएफएस की रूपरेखा तैयार करना काफी जटिल और समय लेने वाला काम बन गया है. ब्लूमबर्ग की पूर्व रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरी ओएफएस प्रक्रिया को पूरा होने में एक महीने से ज्यादा का समय लग सकता है. इसके बाद, मई महीने के अंत तक एक्सचेंज नियामक के पास अपने ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर सकता है.

IPO के लिए 20 बैंक और 8 लॉ फर्म मोर्चे पर

अगर अनलिस्टेड बाजार में चल रही मौजूदा कीमतों को आधार माना जाए, तो इस शेयर बिक्री से 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई जा सकती है. यह विशाल आकार इसे भारत के सबसे बड़े आईपीओ में से एक बनाता है. इस महा-योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए एनएसई ने 20 इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया है, जो भारतीय आईपीओ के इतिहास में बुक-रनर के तौर पर एक नया रिकॉर्ड है.

इसके साथ ही, कानूनी पहलुओं को बारीकी से देखने के लिए आठ लॉ फर्म्स को भी काम पर रखा गया है. बिचौलियों के चयन प्रक्रिया की निगरानी और स्वतंत्र सलाह के लिए प्रतिष्ठित फर्म रोथ्सचाइल्ड एंड कंपनी (Rothschild & Co.) की सेवाएं ली गई हैं.

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